संवैधानिक एवं नागरिक अधिकार निर्देशिका
संविधान के भाग 3 (अनुच्छेद 12 से 35) में प्रत्येक भारतीय नागरिक को प्रदत्त 6 मौलिक अधिकारों और गिरफ्तारी व जमानत से संबंधित वैधानिक अधिकारों की विस्तृत मार्गदर्शिका।
Fundamental right specifying free and compulsory education for all children between the ages of 6 and 14.
Fundamental right specifying free and compulsory education for all children between the ages of 6 and 14.
मुख्य कानूनी प्रावधान:
- यह अधिकार राज्य और उसके अधिकारियों के मनमाने आचरण के विरुद्ध संरक्षण प्रदान करता है।
- उल्लंघन होने पर सीधे उच्च न्यायालय (अनुच्छेद 226) या सुप्रीम कोर्ट (अनुच्छेद 32) में रिट याचिका दायर की जा सकती है।
Every citizen is equal before the law. Discrimination based on caste, gender, religion, or place of birth is strictly prohibited.
Every citizen is equal before the law. Discrimination based on caste, gender, religion, or place of birth is strictly prohibited.
मुख्य कानूनी प्रावधान:
- यह अधिकार राज्य और उसके अधिकारियों के मनमाने आचरण के विरुद्ध संरक्षण प्रदान करता है।
- उल्लंघन होने पर सीधे उच्च न्यायालय (अनुच्छेद 226) या सुप्रीम कोर्ट (अनुच्छेद 32) में रिट याचिका दायर की जा सकती है।
Freedom of speech and expression, freedom to assemble peacefully, form associations, and move freely throughout India.
Freedom of speech and expression, freedom to assemble peacefully, form associations, and move freely throughout India.
मुख्य कानूनी प्रावधान:
- यह अधिकार राज्य और उसके अधिकारियों के मनमाने आचरण के विरुद्ध संरक्षण प्रदान करता है।
- उल्लंघन होने पर सीधे उच्च न्यायालय (अनुच्छेद 226) या सुप्रीम कोर्ट (अनुच्छेद 32) में रिट याचिका दायर की जा सकती है।
Legal power of every citizen to inspect and obtain certified records, tenders, budgets from government offices.
Legal power of every citizen to inspect and obtain certified records, tenders, budgets from government offices.
मुख्य कानूनी प्रावधान:
- यह अधिकार राज्य और उसके अधिकारियों के मनमाने आचरण के विरुद्ध संरक्षण प्रदान करता है।
- उल्लंघन होने पर सीधे उच्च न्यायालय (अनुच्छेद 226) या सुप्रीम कोर्ट (अनुच्छेद 32) में रिट याचिका दायर की जा सकती है।
पुलिस गिरफ्तारी एवं जमानत के 10 कानूनी अधिकार
डी.के. बसु बनाम पश्चिम बंगाल राज्य में माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी अनिवार्य निर्देश
पुलिस अधिकारी गिरफ्तारी का ठोस कानूनी आधार और अपराध की प्रकृति तुरंत बताने के लिए बाध्य है।
गिरफ्तार व्यक्ति द्वारा नामित मित्र या रिश्तेदार को पुलिस द्वारा तुरंत फोन या संदेश भेजकर सूचित करना अनिवार्य है।
यात्रा समय को छोड़कर 24 घंटे के भीतर नजदीकी न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत करना संवैधानिक अनिवार्यता है।
पूछताछ के दौरान (यद्यपि पूरी पूछताछ में नहीं) अपने पसंद के अधिवक्ता से मिलने और सलाह लेने का अधिकार प्राप्त है।
सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले किसी भी महिला को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता (असाधारण स्थिति में प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति अनिवार्य)।
गिरफ्तारी के बाद सरकारी चिकित्सक द्वारा मेडिकल जांच का अधिकार, जिससे हिरासत में यातना या चोट का प्रमाण दर्ज हो सके।