विधिक ड्राफ्ट एवं आवेदन प्रारूप तिजोरी
आरटीआई आवेदन, पुलिस थाना एफआईआर, चेक बाउंस विधिक नोटिस, भरण-पोषण और उपभोक्ता न्यायालय के तैयार कानूनी प्रारूप। एक क्लिक में कॉपी करें, अपनी जानकारी भरें और प्रस्तुत करें।
सूचना का अधिकार (RTI) मानक आवेदन
RTI Act, 2005 की धारा 6(1) के अंतर्गत
सरकारी विभागों, नगर निगम, विद्युत विभाग, पीडब्ल्यूडी, पुलिस आदि से बजट, खर्च, जांच आख्या या प्रमाणित रिकॉर्ड मांगने हेतु केंद्रीय व राज्य स्तरीय मान्य प्रारूप।
सेवा में, जन सूचना अधिकारी (PIO), [कार्यालय / विभाग का नाम], [जिला एवं राज्य का नाम]। विषय: सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 6(1) के तहत सूचना प्राप्ति हेतु आवेदन। महोदय, सविनय निवेदन है कि प्रार्थी को निम्नलिखित बिंदुओं पर बिंदुवार प्रमाणित सूचना उपलब्ध कराने की कृपा करें: 1. [बिंदु 1: जिस कार्य/योजना की जानकारी चाहिए उसका नाम व विवरण] 2. [बिंदु 2: कार्य में आवंटित बजट, स्वीकृत राशि एवं वास्तविक खर्च का विवरण] 3. [बिंदु 3: संबंधित कार्य के मस्टर रोल / बिल वाउचर की प्रमाणित प्रतिलिपि] 4. [बिंदु 4: जांच समिति की आख्या एवं निष्कर्ष की सत्यापित छायाप्रति] आवेदन शुल्क: आवेदन शुल्क के रूप में ₹10 का पोस्टल ऑर्डर (IPO No: ______) संलग्न है। (बीपीएल कार्ड धारक हेतु शुल्क शून्य)। प्रार्थी: नाम: [आपका पूरा नाम] पिता/पति का नाम: [नाम] पता: [पूरा डाक पता व पिन कोड] मोबाइल नंबर: [10 अंकों का फोन] हस्ताक्षर व दिनांक: [हस्ताक्षर]
थाना एफआईआर (FIR) लिखित तहरीर
BNSS धारा 173 (पूर्व CrPC 154) के अंतर्गत
चोरी, मारपीट, धोखाधड़ी, धमकी या संज्ञेय अपराध घटित होने पर थाना प्रभारी (SHO) को दी जाने वाली कानूनी प्रार्थना पत्र तहरीर का मानक प्रारूप।
सेवा में, श्रीमान थानाध्यक्ष महोदय, थाना: [थाने का नाम], जिला: [जिला]। विषय: संज्ञेय अपराध घटित होने पर प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराने विषयक। महोदय, सविनय निवेदन है कि प्रार्थी [नाम], उम्र लगभग [वर्ष], निवासी [स्थायी पता] का मूल निवासी है। घटना का संपूर्ण विवरण: 1. घटना की तिथि व समय: दिनांक [दिनांक] को समय लगभग [समय] बजे। 2. घटना स्थल: [स्थान का पूरा विवरण, सड़क/मोहल्ला/गांव]। 3. विपक्षी/आरोपियों का विवरण: [आरोपी का नाम, पिता का नाम, पता या अज्ञात]। 4. घटना का विवरण: प्रार्थी जब [स्थान पर था / आ रहा था], तभी उपरोक्त व्यक्तियों ने एक राय होकर गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी दी। अतः श्रीमान जी से सविनय प्रार्थना है कि उक्त घटना की प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) सुसंगत धाराओं में दर्ज कर प्रार्थी का चिकित्सीय परीक्षण (Medical Examination) कराने एवं कठोर कानूनी कार्रवाई करने की कृपा करें। संलग्नक: 1. मेडिकल पर्चा / साक्ष्य छायाप्रति (यदि हो) 2. आधार कार्ड प्रति प्रार्थी: नाम: [नाम] | हस्ताक्षर: [हस्ताक्षर] मोबाइल: [फोन नंबर] | दिनांक: [तारीख]
चेक बाउंस विधिक नोटिस (138 NI Act)
नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट धारा 138 के तहत
चेक अनादर (Cheque Dishonour) होने की बैंक मेमो तिथि से 30 दिनों के भीतर बकाएदार को 15 दिन के भीतर भुगतान करने हेतु अधिवक्ता या स्वयं द्वारा भेजा जाने वाला नोटिस।
पंजीकृत डाक / स्पीड पोस्ट द्वारा (Registered A.D.) सेवा में, [विपक्षी / चेक जारीकर्ता का नाम] पुत्र श्री: [पिता का नाम] पता: [विपक्षी का पूर्ण पता व मोबाइल] विषय: धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम (NI Act, 1881) के अंतर्गत विधिक मांग सूचना (Demand Notice)। महोदय, मेरे मुवक्किल [मुवक्किल का नाम] के निर्देशानुसार आपको यह विधिक नोटिस प्रेषित किया जा रहा है: 1. आपने अपने विधिक दायित्व के भुगतान हेतु मेरे मुवक्किल को चेक सं०: [चेक नंबर], दिनांक: [दिनांक], राशि: ₹[राशि] (अक्षरी: [रुपये]), बैंक: [बैंक नाम] जारी किया था। 2. मेरे मुवक्किल ने उक्त चेक अपने खाते में भुगतान हेतु प्रस्तुत किया, जो बैंक द्वारा दिनांक [दिनांक] को कारण "फंड्स अपर्याप्त / Funds Insufficient" के साथ अनादृत (Bounce) कर वापस कर दिया गया। 3. अतः इस विधिक नोटिस के माध्यम से आपको सूचित किया जाता है कि इस नोटिस की प्राप्ति के 15 दिनों के भीतर चेक राशि ₹[राशि] का पूर्ण भुगतान मेरे मुवक्किल को कर दें। अन्यथा नियत अवधि बीतने पर आपके विरुद्ध सक्षम न्यायालय में धारा 138 NI Act के तहत दांडिक परिवाद दाखिल किया जाएगा, जिसमें 2 वर्ष का कारावास एवं चेक राशि का दोगुना जुर्माना हो सकता है। भवदीय / प्रेषक: [अधिवक्ता का नाम / पक्षकार का नाम] बार काउंसिल पंजीकरण सं०: [क्रमांक] पता व संपर्क सूत्र: [पता व फोन]
सामान्य स्व-घोषणा शपथ-पत्र (General Affidavit)
सरकारी व गैर-सरकारी सत्यापन हेतु नोटरी शपथ पत्र
नाम सुधार, जन्म तिथि प्रमाण, पते का सत्यापन, आय प्रमाण पत्र या बिजली कनेक्शन आदि में सक्षम अधिकारी या नोटरी के समक्ष प्रस्तुत किया जाने वाला हलफनामा।
समक्ष: [संबंधित अधिकारी / नोटरी पब्लिक, स्थान] शपथ-पत्र (AFFIDAVIT) मैं [शपथकर्ता का नाम], पुत्र/पुत्री श्री [पिता का नाम], उम्र लगभग [वर्ष], जाति [जाति], व्यवसाय [पेशा], निवासी [पूरा पता] का निवासी हूँ तथा ईश्वर को साक्षी मानकर निम्नलिखित शपथपूर्वक बयान करता हूँ: 1. यह कि मैं उपरोक्त पते का स्थायी निवासी हूँ तथा भारतीय नागरिक हूँ। 2. यह कि मेरे सभी शैक्षणिक दस्तावेजों एवं आधार कार्ड में मेरा नाम [सही नाम] दर्ज है। 3. यह कि [विशिष्ट तथ्य जिसका हलफनामा दिया जाना है, जैसे: मेरी समस्त स्रोतों से कुल पारिवारिक वार्षिक आय ₹[राशि] से अधिक नहीं है]। 4. यह कि यह शपथ-पत्र [विभाग का नाम] में [प्रयोजन] हेतु प्रस्तुत किया जा रहा है। सत्यापन (VERIFICATION): मैं शपथकर्ता प्रमाणित करता हूँ कि इस शपथ-पत्र के प्रस्तर 1 से 4 में उल्लिखित समस्त तथ्य मेरे निजी ज्ञान व विश्वास में पूर्णतः सत्य एवं सही हैं, इसमें कोई तथ्य छुपाया नहीं गया है। स्थान: [स्थान] | दिनांक: [दिनांक] शपथकर्ता (हस्ताक्षर): _______________
- डाक रसीद सुरक्षित रखें: किसी भी सरकारी विभाग को प्रार्थना पत्र या विधिक नोटिस भेजते समय सदैव स्पीड पोस्ट (Speed Post) या रजिस्ट्री (Registered AD) करें तथा ट्रैकिंग रसीद सुरक्षित रखें।
- प्रमाणित प्रतिलिपि: यदि व्यक्तिगत रूप से प्रार्थना पत्र दे रहे हैं, तो कार्यालय से रिसीविंग मोहर (Receiving Stamp & Signature) अपने पास मौजूद द्वितीय प्रति पर अवश्य लें।
- निःशुल्क सरकारी अधिवक्ता सहायता: यदि आप प्रारूप तैयार कराने या कोर्ट में वकील रखने में असमर्थ हैं, तो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) से निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं।