साइबर वित्तीय फ्रॉड एवं कानूनी सहायता
यूपीआई ठगी, बैंक खाता हैकिंग, फर्जी लोन ऐप ब्लैकमेलिंग और ऑनलाइन धोखाधड़ी के शिकार नागरिकों के लिए 24 घंटे के अंदर पैसे रिकवर कराने की कानूनी प्रक्रिया।
खाते से अनधिकृत पैसा कटने पर तुरंत क्या करें?
यदि आपके साथ यूपीआई, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग या ओटीपी शेयरिंग के जरिए वित्तीय फ्रॉड हुआ है, तो बिना समय गंवाए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:
घटना के तुरंत बाद 1930 पर कॉल करें। ऑपरेटर को बैंक नाम, ट्रांजैक्शन आईडी और समय बताएं।
एसएमएस में मिले लिंक या cybercrime.gov.in पर जाकर 24 घंटे के अंदर पूर्ण विवरण दर्ज करें।
अपने बैंक को लिखित में अनधिकृत लेनदेन की शिकायत दें और अपना एटीएम/यूपीआई तुरंत ब्लॉक कराएं।
साइबर सेल संबंधित नोडल बैंक को निर्देश देकर ठग के खाते में भेजी गई राशि को तुरंत फ्रीज कराती है।
फर्जी लोन ऐप व ब्लैकमेलिंग
अवैध चीनी या गैर-पंजीकृत लोन ऐप्स द्वारा फोन कॉन्टैक्ट्स हैक कर अश्लील फोटो एडिट कर ब्लैकमेल करने पर आईटी एक्ट की धारा 66E, 67 और बीएनएस/आईपीसी 506/384 के तहत एफआईआर दर्ज होती है।
टेलीग्राम/व्हाट्सएप टास्क फ्रॉड
पार्ट-टाइम नौकरी, यूट्यूब वीडियो लाइक और क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर झांसा देकर पैसे ऐंठने वाले गिरोहों के विरुद्ध धारा 66D आईटी एक्ट (प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी) के तहत कानूनी कार्रवाई।
डिजिटल अरेस्ट व फेक पुलिस कॉल
सीबीआई, कस्टम्स, ईडी या पुलिस अधिकारी बनकर पार्सल में नशीले पदार्थ होने का डर दिखाकर पैसे ट्रांसफर कराने वालों को तुरंत पहचानें। कानून में वीडियो कॉल पर अरेस्ट का कोई प्रावधान नहीं है।