24x7 Emergency: 112 (Police) | 1090 / 181 (Women) | 1930 (Cyber Fraud) | 15100 (Free Legal Aid)
Legal AI Active
⚖️ Know Your Rights • Become Aware • Support The Change
अपना अधिकार Logo

अपना अधिकार

Licence No. 190697

An Initiative of JUSTICORE ALLIANCE FORUM

मुख्य पृष्ठ (Home) अधिकार जानें (Citizen Rights) महिला सुरक्षा (Women Safety) साइबर क्राइम (Cyber Crime 1930) कानूनी सहायता (Grievance Desk) जिला राजस्व व ई-फाइलिंग प्रमाण पत्र ई-सेवा छात्र सहायता व शिक्षा अधिकार सरकारी योजनाएं (Gov Schemes) अदालती फैसले (Judgements) कानूनी ज्ञान केंद्र (Articles) सदस्यता व स्वयंसेवक भर्ती पहचान पत्र सत्यापन (Verify ID) विधिक ड्राफ्ट वॉल्ट (Legal Docs) हमारे बारे में (About Us) संपर्क व हेल्पलाइन एडमिन कंट्रोल पैनल
महिला कानूनी संरक्षण एवं सशक्तिकरण प्रकोष्ठ

महिला सुरक्षा एवं विधिक अधिकार

घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न, भरण-पोषण, दहेज प्रताड़ना और आपातकालीन सुरक्षा के संबंध में भारतीय कानून द्वारा महिलाओं को दिए गए अधिकार।

1090 / 181

महिला पावर लाइन (WPL)

पहचान गुप्त रखकर 24 घंटे कानूनी एवं पुलिस सुरक्षा सहायता।

112

अखिल भारतीय आपातकाल

तात्कालिक पुलिस पीसीआर वैन सहायता एवं जीपीएस ट्रैकिंग।

15100

नालसा निःशुल्क विधिक सेवा

अदालती मुकदमों के लिए सरकार द्वारा मुफ्त वकील का आवंटन।

9315955255

अपना अधिकार विधिक हेल्पलाइन

अनुभवी वकीलों से सीधी व्हाट्सएप परामर्श एवं ड्राफ्टिंग सहायता।

घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम, 2005

Protection of Women from Domestic Violence Act (PWDVA)
  • साझा घर में रहने का अधिकार: पति या ससुराल पक्ष महिला को वैवाहिक घर से बेदखल नहीं कर सकता।
  • संरक्षण आदेश (Protection Order): मजिस्ट्रेट हिंसा करने वाले व्यक्ति को महिला के नजदीक जाने से रोक सकता है।
  • अंतरिम भरण-पोषण: केस लंबित रहने के दौरान भी बच्चों व महिला के खर्च का भुगतान आदेश।

कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम (POSH Act, 2013)

Sexual Harassment of Women at Workplace Act
  • आंतरिक शिकायत समिति (ICC): 10 या अधिक कर्मचारियों वाले प्रत्येक संस्थान में आईसीसी का गठन अनिवार्य है।
  • 90 दिनों में जांच पूर्ण: समिति को घटना की जांच 90 दिनों के भीतर पूरी कर रिपोर्ट सौंपनी होती है।
  • पहचान की गोपनीयता: पीड़िता या गवाहों की पहचान उजागर करना कानूनन दंडनीय अपराध है।

भरण-पोषण एवं गुजारा भत्ता (धारा 125 CrPC / BNSS)

Right to Maintenance for Wife and Children
  • यदि पत्नी स्वयं का भरण-पोषण करने में असमर्थ है, तो पति कानूनी रूप से प्रतिमाह गुजारा भत्ता देने हेतु बाध्य है।
  • नाबालिग बच्चों की पढ़ाई, दवा व लालन-पालन का संपूर्ण खर्च पिता द्वारा देय होगा।

संविधान अनुच्छेद 39A के तहत मुफ्त वकील

NALSA / DLSA Free Advocate Services
  • विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम (धारा 12(c)) के तहत भारत में प्रत्येक महिला आय की सीमा के बिना मुफ्त सरकारी वकील पाने की हकदार है।
  • कोर्ट फीस, ड्राफ्टिंग और गवाहों के खर्चे भी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) द्वारा वहन किए जाते हैं।
WhatsApp: 9315955255 Emergency: 112